स्वनाम धन्य पूनम पांडे को लेकर शुक्रवार को उनकी सर्वाईकल कैंसर से मौत की न्यूज ब्रेक हुई। कुछ लोग इस खबर पर दुखी हुए, तो कुछ लोगों को शंका हुई थी कि कुछ गड़बड़ है, क्योंकि खबर में झोलमझोल था कि दो दिन पहले तक सामान्य रुप से वीडियो की शूटिंग में मस्त दिख रही लड़की की सर्वाईकल कैंसर से मौत कैसे हो सकती है। कुछ लोगों ने अंदाज लगा लिया था कि पूनम पांडे कुछ दिनों पहले सर्वाईकल कैंसर को लेकर किसी अभियान की बातें कर रही थीं और अब इसी से उनकी मौत की खबर आ गई। लब्बोलुआब ये कि जितने लोग उनकी मौत पर आरआईपी के संदेश दे रहे थे, तो उससे ज्यादा लोग इस पूरे मामले में कुछ तो लोचा है दया वाली बातें कर रहे थे। 24 घंटे भी नहीं बीते कि ये लोचा हकीकत में सामने आ गया कि पूनम पांडे जिंदा हैं और उन्होंने ये स्टंट सर्वाइकल कैंसर को लेकर अभियान के लिए किया था।
यहां ये जानना बहुत जरुरी नहीं हो जाता कि पूनम पांडे कौन हैं, जिनको दिलचस्पी हो, उनके लिए जवाब है कि एक ऐसी अदाकारा, जिनको फिल्मों में कभी कोई कामयाबी नहीं मिली, तो उन्होंने सेमी न्यूड वीडियोज बनाकर इंटरनेट पर मौजूदगी दर्ज करा ली। ये हर कोई जानता है कि पूनम पांडे जैसी सुंदरियों के ऐसे वीडियोज को लाइक शेयर करने वालों की तादाद कितनी ज्यादा है। इस लिहाज से उनको इंटरनेट संसेशनल कहा जाने लगा, जिसका मतलब हुआ कि वे इंटरनेट को अपनी अदाओं से हिला सकती हैं। चलिए इस बात को यहीं रोकते हैं।
एक और टीवी एक्ट्रेस दलजीत कौर के शौहर ने एक टीवी शो जीतने के लिए अपनी बीवी से रिश्तों में टेंशन की कहानियां मीडिया में सर्कुलेट करा दी। बिग बास जीतने की ललक में दोनों ने इस शो में कुत्ते बिल्ली की तरह जिस तरह से अपने रिश्तों के चिथड़े उड़ाए, उनको कौन भूल सकता है। ये अलग बात है कि अब दोनों के रास्ते अलग अलग हो चुके हैं और दोनों ने अपने लिए नए नए जीवनसाथी चुन लिए हैं। भगवान इनका भला करे। फिल्मों के एक पीआरओ का किस्सा भी याद आता है। फिल्मों और फिल्मी सितारों का प्रचार करने के काम से लगभग रिटायर हो चुके इन महाशय ने एक दिन खुद की मौत की खबर ब्रेक करा दी और फिर खींसे नपोरते हुए बता दिया कि वो जिंदा हैं। वे अब सचमुच में दिवंगत हो चुके हैं।
पूनम पांडे से लेकर राखी सावंत, शर्लिन चोपड़ा, उर्वी जावेद, पायल रहतोगी और उनके जैसों का ये कुनबा और उसके साथ नंगई पर उतारु मीडिया की ये जुलगबंदी सिर्फ ये साबित करती है कि बाजारवाद और उपभोक्तवाद के जंगल में इंसानी रुप में भटकने वाले जानवरों को देखना हो, तो पूनम पांडे से लेकर इंडिया टुडे तक हर ब्रांड मौजूद है। रही देश की बात, उसे गर्त में जाने दीजिए, टेंशन की कोई जरुरत नहीं।
इंतजार कीजिए कि पूनम पांडे जैसा अगला नजारा किसका और कब होगा और कब मीडिया के गिद्ध मंडराते नजर आएंगे वैसे, आप पूनम पांडे और मीडिया में किसे ज्यादा जिम्मेदार मानते हैं, जवाब के लिए कमेंट बाक्स ओपन है।
ब्लाग के ये लिंक भी देखिए-
मामला रश्मिका का नहीं, लड़कियों की इज्जत का है






4 comments:
एक लेख के माध्यम से बहुत कुछ दर्शाने की कोशिश में आप कामयाब हुए हैं :)
एक साथ कई परतों को खोलता हुआ आलेख। सेलेब्रिटीज़ की चकाचोंध दुनिया मे किस तरह कम्पीटिशन के चलते पब्लिसिटी के लिए किसी भी हथकंडे को अपनाने में गुरेज़ नही करते हैं। पर क्या किसी बीमारी की जागरूकता को लेकर आमजन की भावनाओं से ऐसे खेलना सही है????
Poonam Pandey is on blame for sure
Poonam Pandey is on blame for sure
Well written. Poonam is not the first to cross the line nor she will be last..
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