क्या फिल्मी सितारों की मौजूदगी से भारतीय टीम के प्रदर्शन पर क्या कोई असर पड़ता है, तो जवाब होगा कि बिल्कुल नहीं। मगर ये सवाल बनता है कि 2023 के वर्ल्ड कप से हिंदी फिल्मों के सितारों की गैरमौजूदगी की क्या वजह हो सकती है। इस बात को कुछ यूं भी कहा जा सकता है कि इस विश्वकप में जगमगाहट उस तरह की नहीं है, जैसी विश्व कप जैसे आयोजन से की जाती है। विश्वकप के उदघाटन से लेकर अब तक खास तौर पर उन मैचों में तो दर्शक कम आ रहे हैं, जिनमें भारत का मैच नहीं होता है। यहां एक बार फिर 2011 के विश्वकप के आयोजन की याद ताजा हो जाती है, जिसमें हिंदी फिल्मों के सितारों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। याद करें, साउथ से रजनीकांत और चिरंजीवी से लेकर मुंबई की फिल्मी दुनिया से अमिताभ बच्चन और दूसरे दिग्गज सितारों ने स्टेडियम में जाकर मैचों को देखा। जाहिर है कि मैच के आयोजनों ने उनको स्टेडियम में आने की दावत दी, जिसे मान लिया गया।
इस बार के विश्वकप के मैचों में ऐसा कुछ नजर नहीं आया। यहां तक कि मुंबई के मैचों से भी फिल्मी सितारे दूर रहे। जाहिर है कि मैच का आयोजन करने वाले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड और तमाम क्रिकेट एसोसिएशनों ने फिल्मी सितारों को विश्व कप से जोड़ने की कोई खास कोशिश नहीं की। यहां दो बातों को सामने रखना जरुरी है। विश्वकप से पहले प्रमोशन के लिए बनाए गए एंथम गीत में रणवीर सिंह नजर आए, लेकिन इसे प्रमोट के लिए रणवीर ने कुछ नहीं किया और पब्लिक ने भी इस कचरे को पसंद नहीं किया।इस एंथम गीत के अलावा ये भी याद किया जाएगा कि अहमदाबाद में भारत और पाकिस्तान के मैच के लिए अर्जित सिंह सहित कई सिंगरों को परफारमेंस के लिए बुलाया गया। इस मैच से पहले कहा जा रहा था कि अमिताभ बच्चन, रजनीकांत जैसे सितारे इस मैच को देखने पंहुचेंगे, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। बच्चन अहमदाबाद नहीं गए, लेकिन बुलाया जाता, तो वे वानखेड़े तक तो पंहुच ही सकते थे।एक बार फिर 2011 की याद करते हुए 2023 के विश्वकप की बात करें, तो 2011 में कई बड़ी फिल्मों के प्रमोशन को विश्वकप से जोड़ा गया और बड़ी फिल्मों के सितारे अपनी फिल्मों के प्रमोशन के लिए स्टेडियम पंहुचे थे। इस बार विश्वकप के दौरान ही शाहरुख खान की डंकी और सलमान खान की टाइगर 3 सहित तमाम बड़ी फिल्मों के प्रमोशन शुरु हुए। सलमान खान एक मैच के लिए पवेलियन में नजर आए, लेकिन दर्शकों के बीच न तो वो पंहुचे, न ही कोई और सितारा पंहुचा।
ये मामला इसलिए अहम हो जाता है कि आईपीएल के आयोजन ने क्रिकेट और सिनेमाई मनोरंजन को एक ऐसे प्लेटफार्म पर ला खड़ा किया था, जिसमें दोनों साइडस को फायदा हो रहा था।

शाहरुख खान, शिल्पा शेट्टी, प्रीति जिंटा जैसे सितारे आईपीएल की टीमों के मालिक बने और इनके साथ फिल्मों के प्रमोशन का एक नया सिलसिला शुरु हो गया था। फिल्मों के प्रमोशन के अलावा आईपीएल की सभी टीमें फिल्मों के सितारों को ब्रैंड अंबेसडर के तौर पर अपने साथ जोड़ते थे। कुछ मिलाकर क्रिकेटमेंट क्रिएट करने में क्रिकेट और फिल्मों की दुनिया ने मिलकर एक जादू चलाया था। ऐसे में, जबकि भारतीय क्रिकेट टीम इस विश्वकप में धमाल कर रही है, तो कहा जा सकता है कि फिल्मी दुनिया का इंवाल्वमेंट एंज्वायमेंट के स्तर को नया मकाम दे सकता था। फिलहाल हर किसी को 19 नवंबर का इंतजार है, जब अहमदाबाद में हमारी टीम एक बार फिर चैंपियन बनेगी, जरुर बनेगी।
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