सबसे पहले सभी लोगों को हैप्पी दीवाली। दुआ है कि सबकी जिंदगी खुशियों के दीयों सी रोशन रहे।
अब मामले पर आते हैं। इस बार दीवाली के मौके पर यशराज की फिल्म टाइगर 3 रिलीज होने जा रही है। सलमान खान एक गैप के बाद दीवाली पर लौट रहे हैं। पिछले कई सालों से सलमान खान की फिल्में ईद के मौके पर रिलीज होती आई हैं। टाइगर 3 बाक्स आफिस पर क्या कमाल करेगी, इसे लेकर फिलहाल भविष्यवाणी नहीं की जा सकती। हां, एक फिल्म से जुड़े तथ्यों को देखते हुए इस बाबत अनुमान जरुर लगाया जा सकता है। चलिए, बात को आगे बढ़ा लेते हैं।
अमूमन हर बड़े त्यौहार पर हिंदी की बड़ी फिल्में रिलीज होने की परंपरा रही है। दीवाली भी एक ऐसा ही मौका होता है। इस मौके पर रिलीज होने वाली फिल्मों को लेकर आम पब्लिक से लेकर फिल्म इंडस्ट्री तक हर जगह बड़ी बड़ी उम्मीदें लगाई जाती हैं। लाजिमी है, ऐसी ही उम्मीदें इस साल टाइगर 3 से रहेंगी। सोलो रिलीज होने की वजह से टाइगर 3 से लगने वाली उम्मीदें ज्यादा रहेंगी। सोलो रिलीज के अलावा टाइगर 3 से लगने वाली बाकी उम्मीदों पर भी गौर करना ठीक होगा। चलिए बात को और आगे बढ़ा लेते हैं।
यशराज ने पठान के साथ अपने स्टूडियो के स्पाई यूनिवर्स की शुरुआत की और बाक्स आफिस पर पठान के पठान शाहरुख खान की बादशाहत का जादू चला और फिल्म ने एक हजार करोड़ की कमाई के क्लब में एंट्री की। टाइगर 3 यशराज के स्पाई यूनिवर्स की दूसरी किश्त है। पठान में पठान की जान बचाने के लिए टाइगर आया था। इस बार टाइगर की जान बचाने के लिए पठान आगे आएगा और इस यूनिवर्स के तीसरे किरदार कबीर (फिल्म वॉर) भी टाइगर 3 का हिस्सा माने जा रहे हैं। कहा ये भी जा रहा है, आने वाले वक्त में इस यूनिवर्स में धूम की सीरिज को भी जोड़ा जाएगा, यानी जान अब्राहम (धूम) और आमिर खान (धूम 3) भी इस यूनिवर्स से जोड़े जाएंगे।
यूनिवर्स एक ऐसा प्रयोग है, जो हालीवुड में कुछ वक्त पहले अस्तित्व में आया और अब ये प्रयोग हिंदी सिनेमा में हो रहा है। हिंदी के अलावा साउथ की फिल्मों में भी इस यूनिवर्स की दुनिया को लेकर तेजी से काम हो रहा है। इस यूनिवर्स को लेकर चर्चा फिर कभी। अभी चलिए, दीवाली की बात को और आगे बढ़ा लेते हैं।
टाइगर 3 के हीरो सलमान खान के कैरिअर के लिए इसे बड़ा मौका इसलिए भी माना जा रहा है कि उनकी पिछली कई फिल्में बाक्स आफिस पर कोई कमाल नहीं कर पाईं। अब इसे लेकर सबसे घटिया कुतर्क ये होता है कि सलमान खान सुपर स्टार हैं, तो कुछ फिल्में न चलने से उनके कैरिअर की सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ता। मीडिया में कहने के लिए ये बात अच्छी है, लेकिन हकीकत अलग है। सोशल मीडिया पर इसी तर्क को लेकर सलमान खान के फैंस का पारा चढ़ता है और ये बात समझी जा सकती है, क्योंकि वे फैंस हैं और फैंस एक तरीके के अंधभक्त सरीखे होते हैं, जिनके जज्बातों का हकीकत से कोई वास्ता नहीं होता। चलिए, बात को और आगे लिए चलते हैं।
सलमान खान सुपर स्टार हैं, इसीलिए इंडस्ट्री को भी उनकी फिल्मों से बड़ी उम्मीदें होती हैं। सलमान खान सुपर स्टार न होते, तो यशराज जैसा पेशेवर स्टूडियो उनके नाम पर 300 करोड़ का दांव कभी नहीं खेलता। ये दांव 301 करोड़ की वसूली के लिए नहीं खेला जाता, बल्कि एक हजार करोड़ से ज्यादा का वापसी के लिए बड़े स्तर पर प्लानिंग की जाती है। पठान से एक हजार करोड़ की कमाई के बाद यशराज टाइगर 3 से ऐसी उम्मीद न करे, इसकी कोई वजह नहीं दिखती। ये वजह तो कतई नहीं हो सकती कि सलमान की कुछ फिल्में बाक्स आफिस पर अच्छी नहीं रहीं। इसमें ये भी जोड़ा जा सकता है कि इन फिल्मों को किसी भी लिहाज से हिट होना ही नहीं था। कुछ लोगों को हैरानी सिर्फ इसलिए होती है कि सलमान खान ऐसी घटिया फिल्मों के लिए हामी कैसे भर लेते हैं और इसका जवाब भी मिल जाता है कि वे सलमान खान हैं और उनको ये सोचने का कापीराइट है कि वे किसी भी किस्म की फिल्म में काम करें, पब्लिक उनकी फिल्म के लिए सिनेमाघरों में दौड़ी चली आएगी।
सलमान भी जानते हैं कि पब्लिक ने इस सोच को कितनी बार नकारा है। सलमान जानते हैं कि पिछले कई सालों में बजरंगी भाईजान के अलावा कोई ऐसी फिल्म नहीं आई, जिसके न चलने का कोई कारण रहा हो और उनको बनाने के लिए सलमान की सोच को शर्मिंदा न होना पड़ा हो. मगर वे सलमान हैं और उन पर ऐसी बातों का फर्क नहीं पड़ता। वे सुपर स्टार हैं, इसलिए अपनी मर्जी से काम करते हैं, किसी लाजिक से नहीं। ये सलमान के लंबे कैरिअर का ऐसा सच है, जो अब काफी हद तक जहरीला हो गया है, फिर भी सच है।
सलमान खान और उनकी टीम जानती है कि टाइगर की पिछली दो किश्तों को पब्लिक ने पसंद किया और जमकर पसंद किया। इस पसंद की एक बड़ी वजह इनमें भारत-पाकिस्तान के एलीमेंट रहे हैं। (बजंरगी भाईजान में भारत-पाकिस्तान का ये एलीमेंट अलग तरह से काम कर गया था। टाइगर की सीरिज के अलग बजरंगी भाईजान को पाकिस्तान में भी बेशुमार प्यार मिला था। टाइगर की दो किश्तों के बाद इस तीसरी किश्त में भी भारत-पाकिस्तान का फैक्टर होना तो लाजिमी है और ये फैक्टर अगर क्लिक कर जाता है, तो टाइगर 3 बाक्स आफिस पर डंका बजाएगी। कुछ लोग इस बात को भी अहमियत दे रहे हैं कि टाइगर और जोया (कैटरीना कैफ) की जोड़ी की कैमिस्ट्री भी एक बड़ा फैक्टर बनेगी। इस वक्त इसी जोड़ी की फिल्म भारत का जिक्र करना सही नहीं लगता।
इस फिल्म से जुड़ा इमरान हाश्मी का फैक्टर भी कम दिलचस्प नहीं होगा। एक दौर के किसिंग किंग रहे इमरान हाश्मी इस वक्त कैरिअर के मंद दौर से गुजर रहे हैं। टाइगर, सलमान और यशराज के साथ इमरान हाश्मी का ये पहला जोड़ है और ये कोई सीक्रेट नहीं है कि वे इसमें मेन विलेन हैं, जो टाइगर को चैलेंज करते हैं। किसिंग वाली इमेज से अलग इमरान हाश्मी को उन कलाकारों की फेहरस्ति में रखा जाता है, जो अपने हर किरदार को लेकर बहुत मेहनत करते हैं और उन्होंने अपने बूते पर अपना स्टारडम क्रिएट किया है। यशराज स्पाई यूनिवर्स में इमरान की एंट्री दिलचस्प होगी, ये मानने में कोई गुरेज नहीं होगा। चलिए, बात को और आगे लिए चलते हैं।
ये तो थीं, पाजिटिव बातें। अब सिक्के के दूसरे पहलू को देखते हैं। टाइगर की दोनों रिलीज किश्तों में म्यूजिक का बड़ा योगदान रहा। दोनों ही बार ऐसे गाने सामने आए, जिनको पसंद किया गया। तीसरी किश्त को लेकर अब तक जितने गाने सामने आए हैं, उनको लेकर कुछ अच्छा नहीं कहा गया। एक शब्द में ये ऐवईं रहे हैं।
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| कबीर खान, अली अब्बास जफर, मनीष शर्मा |
ये महज इत्तेफाक है कि टाइगर की तीनों किश्तों की कमान तीन अलग अलग डायरेक्टरों के हाथ रही है। पहली टाइगर कबीर खान ने बनाई, जिन्होंने बाद में बजरंगी भाईजान का इतिहास रचा। दूसरी किश्त के कैप्टन आफ शिप अली अब्बास जफर रहे, जिनके साथ सुल्तान की कामयाबी जुड़ी। तीसरी किश्त की कमान मनीष शर्मा के हाथों में है, जिनको यशराज के बॉस आदित्य चोपड़ा का ब्लू ब्वाय माना जाता है। शर्मा जी के खाते में बैंड बाजा बारात की कामयाबी और फैन (शाहरुख खान) की भयंकर नाकामयाबी दर्ज है। शर्मा जी के बारे में कहा जा सकता है कि उनको वो थाली सजाने का मौका मिला है, जिसे पहले कबीर खान और फिर अली अब्बास जफर ने मेहनत से तैयार की। शर्मा जी ने कैसे मसाले डाले हैं, ये दावत खानेवाली पब्लिक तय करेगी। चलिए, बात को और आगे बढ़ा लेते हैं।
हां, बिना किसी हिचक के ये बात जरुर कही जाएगी कि फिल्म के प्रमोशन में टाइगर की पिछली दोनों किश्तों के मुकाबले इस बार प्रमोशन बहुत ज्यादा ठंडा रहा। जाहिर है कि ये यशराज की मीडिया टीम की सोच रही होगी, जिस पर सवाल करना फिजूल होता है। अपनी ही धुन में रहने वाली यशराज की मीडिया टीम को दीन दुनिया से कोई वास्ता नहीं रहता। चलिए, बात को और आगे बढ़ा लेते हैं।
टाइगर 3 को लेकर अच्छी और न अच्छी बातों के आकलन के परे इस बात में कोई शक सुबहा नहीं है कि फिल्म को भयंकर ओपनिंग मिलेगी और दीवाली का एडवांटेज मिलेगा और इस बात का भी एडवांटेज मिलेगा कि ये सोलो रिलीज हो रही है। मल्टीप्लेक्स थिएटरों ने जिस तरह से टिकटों की कीमत हजारों में (खबरों के मुताबिक, 1600 रु. तक) रखकर पहले ही बड़ी कमाई का जुगाड़ बना लिया है। बाकी ये फिल्म एक हजार करोड़ के क्लब में एंट्री लेगी और कितना आगे जाएगी, इस पर अभी तर्क-वितर्क की कोई गुंजाइश नहीं है।
हिंदी सिनेमा की दुनिया में अक्सर बाहरी दुनिया की इस कहावत को याद किया जाता है कि कामयाबी के कई बाप होते हैं और नाकामयाबी अनाथ रह जाती है। फिल्म चली, तो क्रेडिट सलमान खान के स्टारडम को मिलेगा और अगर मामला ऊपर-नीचे रहा, तो बकरा बनाने के लिए मनीष शर्मा से लेकर तमाम नाम तैयार होंगे। चलिए, अब बातों के सिलसिले को यहीं पर रोकने से पहले एक आखिरी बात-
थिएटर जाइए और टाइगर की तकदीर का फैसला कीजिए। साथ में दीवाली का मजा लें। पटाखों से होने वाले जहरीले धुएं का ख्याल रखेंगे तो आपके बच्चों और उनके भविष्य के लिए बेहतर होगा। सबके लिए-
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3 comments:
Bahut sundar sir
सटीक समीक्षा
दिवाली या दिवाला! देखते हैं 😊
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