Sunday, November 26, 2023

इनके पनौती, उनके पनौती


देश में इस वक्त सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है वो है पनौती। इस एक शब्द को लेकर भाजपा और कांग्रेस वाले एक दूसरे पर कीचड़ उछालने का खेल कर रहे हैं, उससे तो ये लगता है कि कहीं इस शब्द में इलेक्शन जीताने की ताकत तो नहीं है। ये सिर्फ इलेक्शन की छिछलेदारी है या इसके बाद भी हमारे यहां इनका पनौती, उनका पनौती का खेल होता रहेगा, ये आने वाले वक्त में पता चलेगा। सियासत के मैदान के पनौती कौन हैं, ये आप जानिए, लेकिन हिंदी फिल्मों की दुनिया का इस शब्द के साथ कितना विचित्र रिश्ता है, इस पर गौर कर लेते हैं। 

सबसे पहले याद आते हैं, साजिद खान की हाउसफुल में तो अक्षय कुमार का कैरेक्टर ही ऐसा था कि हर कोई उसे पनौती मानता था, क्योंकि वो कभी किसी का अच्छा नहीं कर पाता था, बल्कि नुकसान जरुर कराता था। ये वही कुमार हैं, जो पत्रकार बनकर पीएम हाउस में पंहुचते हैं और पीएम से सवाल करते हैं कि आम काटके खाते हैं या चूस के खाते हैं


इस फिल्म के अलावा एक सिंगर (नाम लेना ठीक नहीं) है, जिन्होंने 80 और 90 के दशक की फिल्मों में जमाकर गाने गाए, लेकिन कहने वाले उनको भी पनौती कहते थे, क्योंकि ऐसा मान लिया गया था कि ये जनाब जिस फिल्म में गा देंगे, उसका बाक्स आफिस पर कभी बेड़ा पार नहीं होगा। उनकी शुरुआती फिल्में तो बाक्स आफिस पर खूब चलीं, लेकिन उसके बाद वही होता था कि उनके गानें चले या न चलें, फिल्में तो बाक्स आफिस पर बंटाढार हो जाता था। इससे अलग बात करें, तो क्लासिक गायिकी में उनका आज भी कोई जवाब नहीं है। फिर भी उनको पनौती कहा जाता था। 


याद आती है,  साउथ से आकर हिंदी फिल्मों में कामयाबी का झंडा फहराने वाली एक हीरोइन की। अस्सी के दशक में उनकी किस्मत खूब चमकी, लेकिन उनको भी एक ऐसा दौर झेलना पड़ा, जहां उनके बारे में ये माना लिया गया था कि मोहतरमा इतनी बड़ी पनौती हैं कि जिस हीरो के साथ काम कर लिया, उसका चलता चलाता कैरिअर बर्बादी की तरफ हो लेता था। एक के बाद एक लाइन से बारह-पंद्रह हीरो के साथ यही हुआ, तो बाकियों ने उनसे दूरी बनानी शुरु कर दी थी। अब वे दिवंगत हो चुकी हैं, इसलिए नाम लेना ठीक नहीं होगा। 

कुछ फिल्मों के टाइटलों को भी पनौती माना जाता है। इनमें चैंपियन टाइटल है सपना। सपने और ड्रीम शब्द से जुड़ी फिल्मों की लंबी फेहरस्ति है, जब इन शब्दों के टाइटल वाली फिल्मों का बंटाढार हो गया। हेमा मालिनी की ड्रीमगर्ल इमेज को कैश करने के लिए इसी नाम से फिल्म बनी, जो बाक्स आफिस पर औंधे मुंह जा गिरी। काजोल की सपने नहीं चली, एक महल हो सपनों का भी यही हाल रहा। सनों का सौदागर को भी कामयाबी नहीं मिली। शाहरुख खान ने अपनी पहली कंपनी का नाम ड्रीम अनलिमिटेड रखा और उसमें फिर भी दिल है हिंदुस्तानी, पहेली असोका जैसी फिल्में बनाईं, जिनका बाक्स आफिस पर बुरा हाल रहा। 

मुंबई के एक जुहू का एक बंगला था, जहां एक दौर ऐसा था कि यहां दिन रात फिल्मों की शूटिंग चलती थी, लेकिन एक मर्तबा किसी ने हवा उड़ा दी कि ये बंगला पनौती है। इस बंगले में जिन फिल्मों की शूटिंग हुई, उनका बाक्स आफिस पर दीवाला निकल गया। देखते ही देखते बंगले पर ताले पड़ गए। इसी तरह से मुंबई सिटी के कोलाबा इलाके में बंद पड़ी एक खटारा मुकेश मिल को फिल्म वालों ने एक नई जिंदगी दी, जब हर दूसरी फिल्म की शूटिंग यहां होने लगी, लेकिन न जाने किसने इसे पनौती डिक्लेयर कर दिया और यहां शूटिंग बंद हो गईं। इसी तरह से ऊटी को लेकर हुआ, जहां के बारे में धारणा बन गई कि वहां जिन फिल्मों की शूटिंग होती थी, वो नहीं चलती थीं। देखते ही देखते फिल्मवालों ने ऊटी जाना तकरीबन बंद कर दिया। 

इसे पनौती कहो या अंधविश्वास, ये आपकी मर्जी। इस वक्त कहोगे, तो कांग्रेसी या भाजपा वाले कहलाए जाओगे। 

क्या आप पनौती शब्द पर यकीन करते हैं क्या और अगर हां, तो आपकी नजर में पनौती कौन है? इस ब्लाग में जिस सिंगर और हीरोइन का जिक्र किया गया है, अगर आप उनके नाम समझ गए हों, तो आपके जवाब के लिए कमेंट बाक्स ओपन है।  

हां एक और जरुरी बात- नाना पाटेकर वाले ब्लाग के लिए थोड़ा सा इंतजार कीजिए




इस ब्लाग के ये लिंक भी देखिए-

अब 'नागिन' जैसी 'धूम' नहीं

मामला रश्मिका का नहीं, लड़कियों की इज्जत का है




2 comments:

atul sharma said...

दुनिया रंग - बिरंगी 😊

Anonymous said...

बहुत सुंदर जानकारी

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