सीन 1
मुंबई के बांद्रा इलाके में समंदर के ठीक सामने बने शाहरुख खान के आलीशान बंगले मन्नत के एक बड़े से हाल में तकरीबन पचास-साठ पत्रकारों का जमावाड़ा होता है। मौका था, शाहरुख खान की रिलीज होने वाली एक फिल्म का। कलमवीरों (प्रिंट मीडिया के पत्रकार) के साथ शाहरुख खान बेतकल्लुफ होकर तमाम मुद्दों पर बतियाते रहते हैं। ये बातचीत होने के बाद शाहरुख वन टू वन सभी का हालचाल पूछते हैं और उनके साथ सेल्फी खिंचाते हैं।
Cut to 26 नवंबर 2008. मुंबई में आतंकवादी हमला होता है। इसके कुछ दिनों बाद 12 दिसंबर को यशराज की नई फिल्म रब ने बनादी जोड़ी रिलीज होने वाली थी। इस फिल्म को लेकर मन्नत में शाहरुख खान के इंटरव्यू होते हैं। शाहरुख खान की टीम मीडिया को एडवांस में ही बता दिया जाता है कि आतंकवादी हमले को लेकर शाहरुख खान कोई कमेंट नहीं करेंगे। एंटरटेनमेंट मीडिया वाले बगैर किसी ना-नुकुर के खुशी खुशी इंटरव्यूज करके अपने घर चले जाते हैं।
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मन्नत में मीडियावालों का एक और जमावाड़ा। मौका ईद का था और मीडिया का हर बड़ा-छोटा पत्रकार मन्नत में दाखिल होकर खुश होता है। मीडिया के दोस्तों के सामने शाहरुख खान तशरीफ लाते हैं और खान साहब को ईद की मुबारकबाद देने के लिए मीडियावालों में होड़ लग जाती है। सालों तक ये सिलसिला बना रहता है। इस किस्म की मुलाकातें मीडिया के साथ शाहरुख खान के रिश्तों को मजबूत बनाने में बड़ी भूमिका निभाती हैं।
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तारीख 2 नवंबर। एक बार फिर मन्नत में मीडिया का जमावाड़ा होता है। बर्थडे-ब्वाय मीडिया के सामने केक काटते हैं और एक फैन से भी बड़े फैन की तरह मीडिया वाले Happy birthday SRK के नारे लगाते हैं। इस मौके पर मीडिया वालों से घिरे शाहरुख आफ बीट बातों में कुछ खबरों पर रिएक्ट भी कर देते थे और कुछ मीडिया वालों के लिए वहीं से ब्रेकिंग खबरों का जुगाड़ भी हो जाता है।
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25 जनवरी, 2023. चार साल के गैप के बाद कामयाबी के तमाम दावों और वादों के साथ यशराज की नई फिल्म पठान रिलीज होती है। रिलीज से पहले मीडिया शाहरुख खान के इंटरव्यू का इंतजार कर रहा था। तमाम इंतजार के बाद यशराज की मीडिया टीम की ओर से बताया जाता है कि शाहरुख खान कोई इंटरव्यू नहीं करेंगे। फिल्म की महासफलता के बाद पठान का एक इवेंट होता है, लेकिन यहां भी शाहरुख कोई इंटरव्यू नहीं करते।
7 सितंबर, 2023. पठान की महासफलता के बाद शाहरुख खान की अगली फिल्म जवान रिलीज होती है। ये फिल्म शाहरुख खान की अपनी कंपनी रेडचिल्ली एंटरटेनमेंट में बनी और इस बार उनकी टीम मीडिया को बता देती है कि शाहरुख खान कोई इंटरव्यू नहीं करेंगे। पठान को लेकर कहा जा रहा था कि मीडिया को लेकर सारे फैसले यशराज की टीम कर रही थी, जिसमें शाहरुख खान का कोई दखल नहीं होता था, लेकिन जवान को लेकर 'नो मीडिया' का फैसला शाहरुख खान की टीम अपने बास की मर्जी से करती है। याद करें, तो रेडचिल्ली की हैप्पी न्यू ईयर, चेन्नई एक्सप्रेस, दिलवाले, रईस और जीरो फिल्मों के रिलीज से पहले शाहरुख खान मीडिया को भर भरकर इंटरव्यू देते हैं। दिलवाले के रिलीज के वक्त तो लगातार तीन दिनों तक मन्नत में मीडिया का जमावाड़ा होता था।
सीन 2
गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर मोदी के शासनकाल में अहमदाबाद एयरपोर्ट पर स्पेशल फ्लाइटस लैंड होती हैं। इन विमानों में मुख्यमंत्री के विशेष बुलावे पर दिल्ली-मुंबई से लेकर देश के दूसरे हिस्सों से पत्रकारों को सीएम खम्मन ढोकला खिलाते हैं। मोदी की मेजबानी से खुश पत्रकार उनके शब्दों में, मोदी के सबसे धमाकेदार इंटरव्यू को लेकर बल्ले बल्ले करते हैं।
मकर संक्रांति 2014. अहमदाबाद में पतंगबाजी के त्यौहार के लिए मुख्यमंत्री के विशेष बुलावे पर आए सलमान खान उनके साथ पतंगबाजी करने पंहुचते हैं और मीडिया के कैमरों के सामने मोदी की जमकर तारीफ करते हैं। सलमान खान के साथ मोदी के रिश्तों का चैप्टर वैसे भी अलग था। मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद सलमान खान को हिट एंड रन केस में मुंबई हाईकोर्ट दोषी ठहराता है। सलमान के वकीलों की टीम फौरन इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करती है और चंद घंटों में ही सलमान को दोषमुक्त करार दे दिया जाता है। इसी तरह से राजस्थान में काले हिरणों के शिकार के मामले में हाईकोर्ट सलमान के खिलाफ केस ही रद्द कर देता है। इस फैसले के खिलाफ राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट जा सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं होता है। मोदी के साथ सलमान के रिश्तों की एक बानगी 2019 में देखी गई, जब प्रधानमंत्री के तौर पर दूसरे शपथ ग्रहण समारोह में बुलावा भेजा जाता है और सलमान वहां हाजिरी लगाने पंहुचते हैं।
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सन 2007 में तीखे सवालों के लिए चर्चित इंग्लिश पत्रकार करण थापर के साथ मोदी का एक इंटरव्यू तय होता है और मोदी इंटरव्यू के लिए हाजिर हो जाते हैं। करण थापर जब गुजरात के 2002 के दंगों को लेकर तीखे सवाल होते हैं, तो तिलमिलाए मुख्यमंत्री कुछ पलों बाद ही 'दोस्ती बनी रहे' के टैग के साथ इंटरव्यू अधूरा छोड़कर चले जाते हैं। ये अलग बात है कि उस दिन के बाद मोदी को कभी अपने इस दोस्त की याद नहीं आती है और न कभी आएगी।
Cut to
2019 में संसदीय चुनावों के दौरान प्रधानमंत्री निवास पर कुछ चैनलों के पत्रकारों को बुलाया जाता है। इस दौरान इंटरव्यू के नाम पर मोदी से पाकेट में पर्स रखने और कभी न थकने को लेकर सवाल (जो पहले से पीएम आफिस से क्लीयर किए गए थे) होते हैं। प्रधानमंत्री भी पीछे नहीं रहते। पुलवामा हमले के बाद भारतीय सेना द्वारा एलओसी पार करके पाकिस्तान के बालाकोट (पाकिस्तान) पर हुई सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर वे रडार में छिपे बादलों को लेकर ऐसी बात बताते हैं, जिसकी कोई मिसाल नहीं मिलती।
Cut to 2019 के संसदीय चुनावों के दौरान ही मोदी के साथ एक स्पेशल इंटरव्यू तय होता है। इस इंटरव्यू के लिए किसी पत्रकार को नहीं, बल्कि ऐसे शख्स को चुना जाता है, जिन्होंने इससे पहले इंटरव्यू दिए जरुर, लेकिन कभी किसी का इंटरव्यू नहीं किया। अक्षय कुमारपिंक कलर की पेंट पहनकर पीएम हाउस पंहुचते हैं और सवाल करते हैं कि प्रधानमंत्री आम काटकर खाते हैं या चूसकर खाते हैं। इस धांसू सवाल के बाद पत्रकार अक्षय फिर कभी किसी और का इंटरव्यू करने की हिम्मत नहीं करते।
Cut to
2024 के चुनावों में कुछ समय ही बाकी है। पिछले दस सालों में प्रधानमंत्री द्वारा एक भी प्रेस कांफ्रेंस न करने को लेकर सोशल मीडिया में चर्चा हो रही है। चर्चा इस बात को लेकर भी है कि किस तरह से इस सरकार ने मीडिया को दो हिस्सों में बांट दिया। एक हिस्सा गोदी मीडिया बन गया, जो सत्तारुढ़ पार्टी के सामने चरणचुंबक बनकर काम करता है और विरोधी दलों के खिलाफ मोर्चा खोलता है। इस गोदी मीडिया के कथित पत्रकार सत्ताधीशों द्वारा हुए अपनेअपमान को भी प्रसाद समझकर ग्रहण करते हैं। दूसरे हिस्से में मीडिया के वो पत्रकार हैं, जो डिजिटल प्लेटफार्म पर सत्ताधारी नेताओं की शह पर मिलने वाली धमकियों की परवाह न करते हुए सत्ता के असली चेहरों को सामने लाते हैं। इस मीडिया के कई पत्रकारों को कई बार सत्ता विरोधी रिपोर्टिंग पर जेल तक भेजा जाता है।
Scene 3
सवाल एक-
एक तरफ देश के प्रधानमंत्री मीडिया को इंटरव्यू देना पसंद नहीं करते। दूसरी तरफ देश के सबसे बड़े सितारे भी मीडिया को इंटरव्यू देना पसंद नहीं करते। क्या ये मात्र संयोग है?
सवाल दो-
पठान और जवान के बाद इसी साल दिसंबर में आनेवाली राजकुमार हीरानी की फिल्म को लेकर भी शाहरुख खान नो मीडिया का टैग जारी रखेंगे ?
सवाल तीन-
अगर शाहरुख खान नो मीडिया की पालिसी पर कायम रहते हैं, तो क्या मीडिया उनका बायकाट करेगा या किंग खान जिंदाबाद के साथ ता था तथैया करता रहेगा।
आखिरी सवाल-
क्या SRK सचमुच NO MEDIA के लिए मोदी से Influence हुए होंगे? एक बार जरुर सोचिए और ईमानदारी से कमेंट कीजिए
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