Thursday, March 9, 2017

करण जौहर को ये हक किसने दिया..



किसी ने यूं ही नहीं कहा कि कामयाबी अपने साथ जिम्मेदारी लाती है। करण जौहर बड़े फिल्मवाले तो बन गए, लेकिन अगर उनको जिम्मेदार का एहसास होता, तो वे कंगना को फिल्म इंडस्ट्री छोड़कर जाने की सलाह न देते। शब्दों की जुगाली में इसे सिर्फ सलाह मानना इसके उस खतरनाक पहलू को अनदेखा करने से कम नहीं होगा, जिसमें मानसिकता सलाह से ज्यादा ये साबित करने की है कि वे फिल्म इंडस्ट्री से किसी को बाहर करने का माद्दा रखते हैं। 

दो बातों को लेकर शक की गुंजाइश नहींं के बराबर होती है। पहली बात, करण जौहर फिल्म इंडस्ट्री के बड़े फिल्मकार हैं और दूसरी बात, कंगना भी फिल्म इंडस्ट्री का अनजाना चेहरा नहीं हैं। बालीवुड की इन दो दिग्गज हस्तियों के बीच टकराव के कारणों से हटकर देखें तो ये बालीवुड की चमक-दमक के स्याहपन को बेपरदा करता है। 

करण जौहर फिल्म इंडस्ट्री से हैं। उनके पिता कामयाब निर्माता रहे और करण जौहर को कामयाब साम्राज्य अपने पिता से विरासत में मिली। ये कहने से करण जौहर की अपनी कामयाबी और काबिलित रत्ती भर भी कम नहीं होती। उन्होंने अपने पिता की विरासत को कामयाबी का साम्राज्य में अपने दम पर बदला और चोटी पर पंहुचे। दूसरी ओर कंगना संघर्ष की जमीन पर अपनी कामयाबी का महल खड़ा करने की मिसाल हैं। करण जौहर से उलट, उनका फिल्म इंडस्ट्री में कोई नहीं था। वे यहां के लिए बाहरी थीं। 

फिल्मी परिवारों से आने वाले लोगों और बाहरी लोगों के संघर्ष और कामयाबी में यही सबसे बड़ा फर्क होता है। वे अपने लिए अपनी जमीन खुद तैयार करते हैं। कंगना ने भी अपनी कामयाबी की जमीन खुद तैयार की। इससे उनका क्रेडिट छिनने की कोई हिमाकत भी नहीं कर सकता। ये इस टकराव का सबसे खतरनाक और भयावह मंजर है, जो बाहरी बनाम फिल्म इंडस्ट्री वाला के रुप में सामने आया है। कोई नहीं भूल सकता कि कंगना ने किस तरह से  बालीवुड के एक बड़े सितारे से टकराव मोल लिया और रितिक रोशन, जो खुद फिल्म इंडस्ट्री से ताल्लुक रखते हैं, से इस टकराव में कभी उन्नीस नहीं नजर आईं। 

यहां करण जौहर या रितिक रोशन से टकराव में कंगना को क्लीन चिट देने या उनके पक्ष को ही जायज मानने की कोई कोशिश नहीं है। यहां अपने पक्ष पर कायम रहने के उनके जज्बे को सलाम करने की कोशिश है, जिसने सामने वाले दो धाकड़ों को डिफेंड मोड में लाने का काम तो कर ही दिया है। 



कंगना के साथ करण जौहर के कितने भी गंभीर मतभेद हो सकते हैं। रितिक के साथ कंगना के निजी रिश्तों का सच वही दोनों जानते होंगे, लेकिन यहां सीधा सरल सवाल है कि आखिरकार क्या इसलिए करण जौहर किसी को फिल्म इंडस्ट्री से बेदखल करने की बात कह सकते हैं, क्योंकि कंगना बाहर से हैं।  कंगना को अगर इस आधार पर निशाना बनाया जाए कि वे बाहर से हैं या कहा जाए कि फिल्म इंडस्ट्री के किसी परिवार में उनकी पैदाइश नहीं हुई, तो इस आधार को किसी भी तर्क पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। क्या ये नहीं माना जाए कि अपने वाक्य और छोटी सोच के चलते करण जौहर ने कंगना को वो मजबूती दे दी, जो उनको करण के मुकाबले बड़ा बनाती है। 

कंगना की अपनी कमजोरियां रही हैं। रिश्तों की छिछलेदारी करने से लेकर अपने कैरिअर के प्रति घोर लापरवाही वाला रवैया रखने से लेकर खुद को ही गंभीरता न लेने के अवगुणों के चलते कंगना ने बहुत कुछ ऐसा खोया, जो वे बचा सकती थीं। इन अवगुणों का खामियाजा कंगना ने ही भुगता है, लेकिन इस आधार पर तो करण जौहर या कोई भी शख्स कंगना या किसी को भी फिल्म इंडस्ट्री से बाहर जाने की चेतावनीनुमा सलाह नहीं दे सकता। 

करण जौहर ने खुद हाल ही में एक बड़े संकट का सामना किया, जब पाकिस्तानी कलाकारों को लेकर उन पर हमलेे हुए। उन्होंने देशभक्ति के गुणगाने वाला वीडियो बनाकर सफाई दी, तो एक घाघ कारोबारी की तरह राजनेताओं से सौदेबाजी में भी वे पीछे नहीं रहे। उस संकट में करण जौहर जिस फिल्म इंडस्ट्री को परिवार कह रहे थे, उस परिवार के वे हिस्सा तो हैं, लेकिन मुखिया होने का मुगालता उनको कब और कैसे हुआ, ये वही जाने। हो सकता है कि अतीत में करण जौहर ने अपने रुतबे से किसी कलाकार को फिल्म इंडस्ट्री से बाहर जाने के लिए मजबूर कर दिया हो। हो सकता है कि करण जैसे किसी दंभी फिल्मकार ने किसी के साथ ये किया हो, लेकिन जहां तक कंगना का मामला है, तो करण जौहर के लिए पैगाम बहुत साफ है-
नहीं सर, न तो ये इंडस्ट्री आपकी है, न कंगना आपकी मेहरबानी की मोहताज हैं। कंगना अपनी जगह सही या गलत हो सकती हैं, लेकिन करण जौहर की ये सोच कहीं से भी संही नहीं हो सकती, न इसे कोई स्वीकार करेगा। 

करण जौहर अगर अपनी फिल्म को लेकर देश से माफी मांगने के लिए आगे आ सकते हैं, तो एक महिला कलाकार का अपमान करने और फिल्म इंडस्ट्री की छवि धूमिल करने के लिए माफी मांगकर अपनी शर्मिंदगी दूर कर सकते हैं। अगर ऐसा हुआ, तो ये करण जौहर की उस काबिलियत और कामयाबी की जीत होगी, जिसके चलते उन्होंने अपने पिता की विरासत को सफलतापूर्वक संभाला। 
अब अपनी कामयाब छवि की रक्षा करने की जिम्मेदारी करण जौहर की है और मुस्कराने की बारी कंगना की है, जिन्होंने इतने बड़े फिल्मकार के दंभ को चकनाचूर कर दिया। 

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