मीडिया के नाम हाल ही में जारी अपने एक बयान में अनुष्का शर्मा जिस तरह से मीडिया पर बिफरी हैं, उसे देखकर हंसी ही नहीं आती, उनकी सोच पर तरस आता है और उनकी समझदारी पर दाद देने का मन करता है। साथ ही राजकुमार का वो मशहूर डायलाग भी याद आ जाता है- जिनके घर शीशे के हों, उनको दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकने चाहिए....
पहले मसला जान लेते हैं। अनुष्का शर्मा ने फिल्लौरी नाम से एक फिल्म बनाई है, जो 24 मार्च को रिलीज होगी। अब फिल्म बनाई है, तो पब्लिसिटी की भी जरुरत होती है। पब्लिसिटी के लिए मीडिया की भी जरुरी होती है और अनुष्का शर्मा जानती हैं कि फिल्म के लिए अच्छी-बुरी पब्लिसिटी सिर्फ पब्लिसिटी होती है और ये भी कम जरुरी नहीं होती। अच्छी पब्लिसिटी के लिए किसी को कुछ नहीं करना पड़ता। निगेटिव पब्लिसिटी के लिए मौके बनाने पड़ते हैं। बातों को उछालना पड़ता है। बड़े बड़ू सूरमाओं को इस काम पर लगाया जाता है, जो दिन रात इसी बात को लेकर पिले पड़े रहते हैं कि कैसे पब्लिसिटी के लिए स्टंटबाजी की जाए।
पहले अनुष्का के उस दर्द की परत खोलते हैं, जिसने मैडम को मीडिया को ज्ञान बांटने का रास्ता दिखाया। विराट कोहली को हर कोई जानता है। अनुष्का के साथ विराट के रिश्तों की दास्तान से भी कोई अनजान नहीं है। सोशल मीडिया, जिसे अफवाहों का सबसे हाट बाजार माना जाता है, वहां किसी ने बात उछाल दी कि उनकी इस फिल्म में विराट कोहली का पैसा लगा हुआ है। हालांकि इसमें अजूबा जैसा कुछ नहीं था। लगा हो, तो भी भला किसे हैरानी होगी। अनुष्का की कंपनी की बैलेंस शीट का जिक्र तो नहीं था, लिहाजा इसे एक गासिप से ज्यादा तरजीह नहीं मिलती, अगर अनुष्का को ये समझ में नहीं आया होता, कि इस न्यूज से उनकी फिल्म की पब्लिसिटी का आगाज कर सकती हैं।
उन्होंने सबसे पहले इस खबर को लेकर मीडिया के नाम लंबा चौड़ा बयान जारी कर दिया, जिसमें नसीहतों का भंडार था। सूत्रों के हवाले से लिखी खबरों पर भी सवाल थे। खबरों के झूठ सच से लेकर अपने कैरिअर की मेहनत और न जाने क्या क्या बताया गया। लब्बो लुआब यही था कि इस खबर से मीडिया ने उनका दिल दुखाया और चेताया गया कि आइंदा एेसा हुआ, तो वे और कड़े तेवर दिखाएंगी। ये मानकर चलना चाहिए कि फिल्लौरी के रिलीज होने तक अनुष्का शर्मा के साथ ऐसी खबरें उछलती रहेंगी, जिन पर उनको गुस्सा आए या न आए, लेकिन फिल्म का प्रमोशन पक्का होगा।
वैसे मीडिया को लेकर कैसे कैसे खेल होते हैं, अनुष्का शर्मा इससे कतई अनजान नहीं हैं। ये याद करने में भी कोई हर्जा नहीं है कि कैसे सुल्तान में काम करने को लेकर उन्होंने इसी मीडिया के साथ सच-झूठ का शर्मनाक खेल खेला था। जब मीडिया में उनके सुल्तान में सलमान की हीरोइन बनने की पहली खबर आई, तो यही अनुष्का शर्मा थीं, जिन्होनें जमकर मीडिया को लताड़ा था और इसे झूठ का पुलिंदा करार दिया था। इसे गुजरे ज्यादा दिन नहीं हुए कि अनुष्का शर्मा ने सोशल मीडिया पर सलमान के साथ एक तस्वीर जारी की और साथ में लिखा- सुल्तान की हीरोइन.. यानी वे खुद। बगैर लाग लपट के एक सवाल हो जाए, कि अनुष्का शर्मा की नैतिकता उस वक्त कहां थी, जब वे सुल्तान की खबर के सच को झूठ का पुलिंदा साबित करने पर तुली हुई थीं।
शायद अनुष्का ने जानी राजकुमार का वो धांसू डायलाग नहीं सुना होगा कि जिनके शीशे कांच के हो, उनको क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए। अगर फिल्म की पब्लिसिटी करनी है, तो कीजिए। निगेटिव खबरों के साथ पब्लिसिटी करनी है, वो भी कीजिए। मीडिया तो वहां भी साथ रहेगा, लेकिन नैतिकता की दुहाई उनके मुंह से अच्छी नहीं लगती, जो खुद झूठ-सच का खेल खेलते रहे हों। नैतिकता को लेकर तो अनुष्का की ये झुंझलाहट, तिलमिलाहट उनकी हार से कम नहीं लगती, जो इसी बहाने अपनी फिल्म का प्रमोशन करने के लिए बहुत ज्यादा लालायित हो चुकी हैं।
ये कतई नहीं कहा जा सकता कि मीडिया दूध का धुला है। किसी को यहां क्लीन चिट नहीं दी जा रही है। एंटरटेनमेंट मीडिया को लेकर तो काले कारनामों का स्याह इतिहास शर्मसार करता ही रहता है, लेकिन अनुष्का शर्मा अगर इसे कीचड़ मानती हैं, तो उनको दो नसीहत- अपने पांव धोकर आएं और मुंह पर रुमाल रख लीजिए और मत भूलिए कि इसी रास्ते से आपको अपनी हर फिल्म के रिलीज के मौके पर गुजरना है। अनुष्का और उनकी टीम बखूबी जानती है कि यही पब्लिसिटी करने वाला यही मीडिया प्रमोशन के बजट को आधे से भी कम कर देता है। कमर्शियल दुनिया में ये भी कम बड़ी बात नहीं होती।
अनुष्का शर्मा बालीवुड की बड़ी हीरोइन हैं। उन्होंने मेहनत से अपना मकाम बनाया है। दर्शकों ने उनको पसंद किया है। अपनी काबिलियत और कामयाबी से वे इतनी बड़ी स्टार बनी हैं कि उनकी ज्यादातर फिल्में सुपर हिट रही हैं। उनकी कामयाबी का सबसे बड़ा सच ये है कि उन्होंने तीनों खान सितारों- आमिर, सलमान और शाहरुख के साथ कामयाब फिल्मों का इतिहास रचा है। ये किसी भी हीरोइन के लिए ख्वाब से कम नहीं है। उनकी इस कामयाबी को कोई भी बिना किसी संकोच के सलाम करेगा।
जहां तक विराट कोहली के साथ उनके रिश्तों की बात है, तो ये दुधारी तलवार है। नैतिकता कहती है कि किसी के निजी रिश्तों को लेकर मीडिया को अपना दायरा तय करना चाहिए। ये भी सच है कि मीडिया अपने दायरे लांघता है, लेकिन ये मामला और पूरा विषय बहुत बड़ा है, जिसमें कई मौकों पर दोनों पक्ष दायरे लांघते हुए नजर आते हैं। इस पर चर्चा फिर कभी।
मीडिया और सेलिब्रिटिज के बीच ये द्वंद युद्ध पुराने समय से चला आ रहा है और चलता ही रहेगा। यहां हाल ही का एक किस्सा याद आ जाता है, जिसका ताल्लुक अमेरिका के नए राष्ट्रपति से है। उन्होंने अमेरिकन मीडिया की लगाम कसनी चाही, तो अमेरिकन मीडिया से उनको करारा जवाब मिला और संदेश साफ- इस खेल (मीडिया और अमेरिकन सरकार) के खेल की शर्तें हम तय करेंगे और अपनी शर्तों के मुताबिक खेलेंगे। ये है एक मीडिया का जवाब। ये है एक मीडिया का आत्मविश्वास और आत्म सम्मान।
फिल्म के प्रमोशन के लिए अनुष्का शर्मा को अपने खेल खेलने की पूरी आजादी है। वे मीडिया के जरिए ही अपनी फिल्म का प्रमोशन करेंगी, इसमें भी कोई शंका नहीं, लेकिन जहां तक नैतिकता की बात है, तो कांच के महलवालों के लिए दिए गए संदेश की सच्चाई को उनको भी याद रखना होगा, वरना तमाशे होंगे और दोनों तरफ से होंगे। नैतिकता की कोई दुहाई और कोई जंग एक तरफा हो ही नहीं सकती। अगर अनुष्का शर्मा या किसी को भी इस बारे में कोई मुगालता है, तो दूर करना ज्यादा समझदारी होगा।
आखिरी बात महानायक अमिताभ बच्चन की- जिनका मीडिया के साथ अच्छे-बुरे रिश्तों का दौर रहा है। सालों पहले जब मीडिया में करीना कपूर और शाहिद कपूर के एमएमएस क्लिप का मामला गूंजा था, तो 40 साल से ज्यादा का तजुर्बा रखने वाले महानायक ने बहुता साफगोई से कहा था कि किसी सेलिब्रिटी की लाइफ में प्राइवेसी नहीं रह जाती। जनता जिसे स्टार बनाती है, उसके बारे में जानना चाहती है और इस चाहत को मीडिया के रास्ते पूरा किया जाता था।
सब जानते हैं कि अनुष्का और विराट का रिश्ता अच्छे दोस्तों से ज्यादा है। उनकी फिल्म में विराट का पैसा लगा है या नहीं, क्या ये इतना गंभीर मसला हो सकता है, जिसे लेकर नैतिकता को याद करके खुद को आइने और कठघरे में खड़ा करने की जरुरत आन पड़े। चलिए, लगे हाथों बता दिया जाए कि अनुश्का शर्मा की बतौर प्रोड्यूसर बनी फिल्म फिल्लौरी 24 मार्च को परदे पर रिलीज होगी। हो गया प्रमोशन..




















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