जवान जब रिलीज होने जा रही है, तो एक सहज सवाल हो जाता है कि शाहरुख खान की मौजूदगी के अलावा इस फिल्म में ऐसा क्या है, जिनको इसकाू एक्स फैक्टर माना जा सके। अब तक जो कुछ बातें सामने आई हैं, उनके मुताबिक, शाहरुख खान बाप-बेटे के डबल रोल में हैं। टकले अवतार में शाहरुख खान खुद ही विलेन माने जा रहे हैं। उनकी हीरोइन के तौर पर साउथ की बड़ी हीरोइन नयनतारा पहली बार हिंदी फिल्मों के परदे पर आ रही हैं। गेस्ट एपीरिंएस में दीपिका पादुकोण हैं। संजय दत्त से लेकर रजनीकांत और थलपति विजय के भी गेस्ट एपीरिएंस की बातें चर्चा में है।
ये हैरानी की बात नहीं है कि जवान को लेकर शाहरुख के फैंस ने एक तरह से फेस्टिवल का माहौल बना डाला है। मणिरत्नम की दिल से के बाद शाहरुख खान साउथ के किसी निर्देशक के साथ आ रहे हैं, जिसका साउथ में अपना दबदबा है। इतना होने के बाद भी क्या कुछ ऐसी बातों पर गौर करना ठीक नहीं होगा, जिनको इस फिल्म के लिए बाधा जैसा माना जा सकता है। इन बातों में पहला नाम जवान के निर्देशक अटली का है, जो पहली बार हिंदी बेल्ट में आ रहे हैं। साउथ में झंडे गाड़ने वाले अटली के बारे में कहना मुश्किल है कि हिंदी बेल्ट के दर्शकों के सेंटीमेंटस को लेकर उनकी समझ कैसी है। उनकी हीरोइन नयनतारा भी पहली बार हिंदी में आ रही हैं। हां, मेहमान रोल में दीपिका पादुकोण दमदार लग रही हैं और उनकी मौजूदगी पठान के मैजिक को दोहरा सकती है।
ये सारी बातें बंद मुट्ठी की तरह हैं। फिल्म का एक अहम फैक्टर इसका म्यूजिक है। यहां पठान का जिक्र करना होगा, क्योंकि पठान का एक बड़ा फैक्टर ये था कि उसका म्यूजिक रिलीज से पहले ही सुपर हिट हो चुका था, जिसने फिल्म की हाइप क्रिएट करने में बड़ा योगदान दिया था। जवान का म्यूजिक अनिरुद्ध ने दिया है, जो अटली की तरह साउथ में कमाल है, लेकिन हिंदी बेल्ट में न्यूकमर हैं। म्यूजिक के मामले में जवान को हिट कहा जा सकता है, लेकिन सुपर हिट नहीं। फिल्म का एक भी गीत आम दर्शकों की जुबां पर नहीं आया है। दुआ की जा सकती है कि म्यूजिक का मामला जवान की कामयाबी में किसी तरह की बाधा नहीं बने।
कुल मिलाकर शाहरुख के लिए दुआएं रखने वालों में से एक तबका जवान को लेकर तीन बातों पर ज्यादा जोर देता है। पिछली रिलीज पठान की सफलता को दोहराने और उससे आगे निकलने का प्रेशर, नया डायरेक्टर, जिसे हिंदी बेल्ट का कोई अंदाज नहीं। नई हीरोइन और ठंडा-ठंडा म्यूजिक। कोई दावा नहीं कर सकता कि इन बातों का जवान के बाक्स आफिस रिलीज पर क्या असर होगा। फैक्ट ये भी है कि सफल फिल्म की कमजोरियों पर कोई ध्यान नहीं देता और फ्लाप फिल्म में किसी को कोई खूबी नजर नहीं आती।
शाहरुख खान जिस पोजीशन पर है, वहां एक तरफा उनको बाक्स आफिस के आंकड़ों की बाजीगरी से बहुत आगे माना जाता है, तो दूसरी तरफा ये उम्मीद भी की जाती है कि उनकी नई रिलीज बाक्स आफिस पर उनकी पिछली फिल्म के आंकड़ों को पीछे छोड़ते हुए नए रिकार्ड बनाए। आंकड़ों से अलग देखा जाए, तो शाहरुख खान के स्टारडम का सबसे पावरफुल पहलू ये है कि वो फिल्मों के बिजनेस की हर बारीकी को समझने के साथ ही अपने बाजार और अपने दर्शकों की संवेदनाओं की कसौटी पर खरा उतरें और ऐसा करने में वे अपनी उस्तादगिरी कई बार पहले भी कर चुके हैं, तो इस बार क्यों नहीं करेंगे।
ऐसे में, जबकि जवान की रिलीज में चंद दिन ही बाकी बचे हैं, तमाम किंतु-परंतु से परे उम्मीद और दुआ करनी चाहिए कि पठान और गदर 2 के बाद हिंदी फिल्म इंडस्ट्री को एक और बड़ी सफलता मिले। जहां तक रही बात शाहरुख खान की, तो जवान उनके लिए न शुरुआत है और न ही कोई अंत है। जवान एक पड़ाव है, जहां से अगला सफर राजू हीरानी की नई फिल्म के साथ आगे बढ़ेगा। आल द बेस्ट शाहरुख एंड जवान !









2 comments:
Shandaar
Nice analysis 👍
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